SSC CGL Exam Tips: कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित होने वाली कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल परीक्षा देश में सबसे प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से है इस परीक्षा के लिए लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं ताकि वह अपने भविष्य का कैरियर आसानी से बना सकें छात्रों को एसएससी सीजीएल परीक्षा पास कर बड़े अधिकारी बनने का सपना होता है जिसके लिए दिन-रात मेहनत करके जारी रखते हैं फिर भी उन्हें सफलता नहीं मिलती है जिसके कारण तैयारी करने वाले छात्र अपना रास्ता बदल लेते हैं या फिर पढ़ाई भी छोड़ देते हैं लेकिन अगर आप इन टिप्स को जानकर तैयारी करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।
हर साल SSC CGL भर्ती में लाखों छात्र ग्रुप बी और ग्रुप सी के पदों पर आसीन होकर पर सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में अधिकारी बनने का सपना देखते हैं लेकिन सफलता का स्वाद केवल उन्हीं को मिलता है जिनके द्वारा रणनीति के साथ और निरंतर से तैयारी की जाती है इसकी रणनीति से संबंधित वर्तमान में पूर्णिया की कुमारी साक्षी जिन्होंने टैक्स असिस्टेंट ऑफिसर में सफलता प्राप्त की है लेकिन उनका कहना है कि यह सफलता उन्हें एक बार में नहीं मिली बल्कि वह पांच बार में लगातार मेहनत की है।
असफलता से घबराएं नहीं निरंतर प्रयास करें
SSC CGL Exam के लिए कुमारी साक्षी की कहानी के अनुसार उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो एक या दो बार असफल होने के बाद अपनी हार मान लेते हैं क्योंकि उनके द्वारा बताया गया है कि यह सफलता उनको पहले प्रयास में नहीं मिली है बल्कि उनके द्वारा यह पांचवीं बार की मेहनत में सफलता हाथ लगी है इसलिए कहीं छात्र एक बार असफल होने पर रास्ता बदल लेते हैं उनको यह निर्देश दिया है की पढ़ाई छोड़ देने से सफलता हासिल नहीं होती है लेकिन सफलता का असली राज धैर्य में छिपा होता है।
छात्र परीक्षा के दबाव में आकर बीच में ही तैयारी छोड़ देते हैं लेकिन याद रखें कि एसएससी सीजीएल एक लंबी दौड़ और जहां पर आपकी मानसिक दृढ़ता की परीक्षा के साथ-साथ आपके ज्ञान से कहीं अधिक होती हैं इसलिए आप अपनी मानसिक परीक्षा यानी अपने मन को एकाग्र करने की क्षमता रखें।
SSC CGL Exam विषय वार तैयारी
एसएससी सीजीएल परीक्षा में सफलता पाने के लिए मुख्य 4 हैं यानी रीजनिंग, गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान साक्षी के अनुसार किसी भी विषय को कमजोर समझना है उसे छोड़ देना ही उसकी असफलता का कारण बन सकता है। गणित में केवल सवाल हल करना ही काफी नहीं होता है बल्कि उनको न्यूनतम समय में हल करना भी असली चुनौती होती है क्योंकि परीक्षा के दौरान समय के अभाव के कारण कहीं छात्र है के दूसरे प्रश्न हल करने का समय ही नहीं मिलता है इसलिए आप बेसिक कॉन्सेप्ट सीखने की बजाय कैलकुलेशन की गति बढ़े और शार्ट ट्रिक का अभ्यास करना चाहिए अपने स्टडी टेबल के सामने महत्वपूर्ण फॉर्मूलों का चार्ट लगाकर उनका याद रखें।
रीजनिंग क्षेत्र एक स्कोरिंग होता है अगर आप नियमित अभ्यास करते हैं तो इसमें 100% अंक भी लाये जा सकते हैं कोडिंग डिकोडिंग ब्लड रिलेशन और पजल्स पर विशेष ध्यान देना होता है वही अंग्रेजी के लिए शब्दावली और व्याकरण दोनों पैर मजबूत पड़कर नहीं होनी चाहिए इसके लिए आपके अखबार पढ़ना और पिछले वर्षों को पेपर हर करके शब्द को सुधारने का सबसे अच्छा तरीका है।
अंतिम विषय के रूप में सामान्य ज्ञान होता है यह एक बड़े विशाल समुद्र के जैसा है इसमें करंट अफेयर्स के साथ-साथ इतिहास भूगोल और विज्ञान के स्टेटिक पर मजबूत पकड़ बनानी होगी।
परीक्षा के समय ध्यान रखने योग्य बातें
परीक्षा हॉल में विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय होती है साक्षी के अनुसार बताया गया कि कहीं छात्र जानते हुए भी सवाल को छोड़ देते हैं क्योंकि उनका समय भी समाप्त हो जाता है इसलिए आप नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें और इससे आपको यह अंदाजा लगाना होगा कि किस क्षेत्र के लिए कितना समय देना है एवं परीक्षा के दौरान सबसे पहले उन सवालों को हल करें जिन्हें आप अच्छी तरीके से जानते हैं एवं कठिन सवालों में उलझ कर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहिए उन्हें सबसे लास्ट में करना चाहिए।
आपकी तैयारी कितनी भी अच्छी क्यों ना हो लेकिन अगर परीक्षा के दिन आप घबरा जाते हैं तो आपकी पूरी तैयारी व्यर्थ हो सकती है इसलिए आपको प्रश्न पत्र मिलते ही उसे शांति से एक बार पढ़ना है एवं परीक्षा में यह सोच करके जाएं कि यह आपका आखरी मौका है बल्कि यह सोचे कि आपकी मेहनत को दिखाने का यह एक असली मंच है।
SSC CGL Exam पढ़ाई का शेड्यूल एवं पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का महत्व
छात्रों को यह विशेष सलाह दी जाती है कि वह पिछले 3 साल के पुराने प्रश्न पत्रों का गहन अध्ययन करें क्योंकि एसएससी के पैटर्न में अक्सर देखा जाता है कि सवालों का प्रकार और कॉन्सेप्ट हर बार वही दोहराया जाता है जो पिछले वर्षों के पेपर हल करने से आपको एग्जाम के स्तर और हाई – वेजेट टॉपिक की पहचान करने में आसानी से मदद होगी।
सफलता प्राप्त करने के लिए घंटे तक बैठकर पढ़ना ही काफी नहीं होता है बल्कि उस समय के दौरान आपकी पढ़ाई की गुणवत्ता भी मायने रखती हैं यानी 8 से 10 घंटे की मेहनत के दौरान मन लगाकर पढ़ाई करना आवश्यक है और हर विषय को बराबर समय देता है न की छात्रा अपने पसंदीदा विषय को ज्यादा और कठिन विषय को कम समय देते हैं यह परीक्षा तैयारी के लिए सबसे गलत रणनीति मानी जाती है।
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होनी चाहिए एवं कुछ विशेष पदों के लिए सांख्यिकी या गणित के विशेष योग्यता की आवश्यकता होती है

